यह बच्चों का वर्ष हमारा, यही हमारी शान
प्रकृति हमारा स्वागत करती बदल-बदल परिधान
यही हमारी शान ...
१) अमर रहेगा सन्न उन्नासी मानवीय इतिहास में
राष्ट्रीय सम्पत्ति हमीं हैं शांति क्रांति परिहास में
दायित्वों का बोध कराते स्त्रोत मूक जन-शक्ति के
अवसर की समानता होगी प्रगति वृद्धि अभिव्यक्ति के
बच्चे की मुस्कान रहेगी सदा राष्ट्र की शान
प्रकृति हमारा ...
२) समय सबल है भाग्य प्रबल है दिशा बनी अनुकूल
प्राणों से प्रिय पीढी अपना उड़ा रही है धूल
स्वस्थ और गतिमान चरण हैं बढ़ने का संकल्प
हम भविष्य की आशाओं का कोई नहीं विकल्प
हमसे अच्छा कौन फूल है बिखराता मुस्कान
प्रकृइ हमारा ...
३) हम न चाहते सोना चाँदी हम चाहे उत्साह
लिए सफ़ेदी हाथों में हम मिटा रहे हैं स्याह
प्राची में है शेष अँधेरा हम लाएँगे भोर
गुँजा रहे सँगीत पवन में कोकिल मोर 'चकोर'
प्यार भरी झपकी लेते हैं हम कल के इन्सान
प्रकृति हमारा ...
४) नए विश्व के निर्माता हैं कर्णधार इस देश के
दुनिया के इस रंगमंच पर सूत्रधार परिवेश के
शिक्षा-दीक्षा के विकास का कार्य जिसे है करना
उस समाज को पालन-पोषण का भी है ऋण भरना
कठिनाई से भरे रास्ते को करना आसान
प्रकृति हमारा ...
५) हमें हर्ष है हम बच्चों का वर्ष हुआ आरम्भ
भावी-आशाओं की गरिमा हुई यहाँ प्रारम्भ
हम व्रत लेते आज यहाँ बन्धुत्व-भाव की जय हो
बच्चों का संकल्प सत्य हो कल की आज विजय हो
निर्धारित हो सत्य सुकोमल शेष न हो अनुमान
प्रक्रृति हमारा ...
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