बढ़े चलो जवान, बढ़े चलो जवान, बढ़े चलो जवान
रुको नहीं झुको नहीं, बढ़े चलो …
१) आज तेरे अँग में शौर्य का निखार है
बढ़े चलो बहादुरो यह देश की पुकार है
जन्म भूमि सींचने को रक्त बेकरार है
जहान देख ले सपूत देश पर निसार है
देख तेरी चाल को मचल पड़े जहान, बढ़े चलो …
२) शांति के दिये में आज एक बाती डाल दो
शिथिल पड़े न योजना क्रान्ति को उबाल दो
मुस्कुरा के राह से पर्वतों को टाल दो
एक-एक दुश्मनों को व्योम में उछाल दो
दुश्मनों की तोप से झुके न तेरि शान, बढ़े चलो …
३) धरा का वक्ष फोड़ दो आसमान तोड़ दो
धरा में गर लहू रहे तो हाथ से निचोड़ दो
पकड़ के शेर! बुजदिलों की हड़्डियाँ मरोड़ दो
मार दुश्मनों को आज घाटियों में छोड़ दो
लगा दो गहरी चोट कि मिटे नहीं निशान, बढ़े चलो …
i was showing this site to my wife. the first thing she says is "what kind of a site is this, and what song is this - बूढ़े चलो जवान?"
ReplyDeleteyikes!